Maternal and Child Health (MCH)
awareness among female indigenous healer
मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य
यह वीडियो जनजातीय क्षेत्रों में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। जनजातीय समुदायों में महिला जनजातीय गुणीजन (Female Indigenous Healer) गर्भावस्था से लेकर प्रसव तक महिलाओं के साथ महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
लेकिन कई बार स्वास्थ्य संबंधी सही जानकारी के अभाव में गर्भवती महिलाओं को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है, जिससे जनजातीय समुदाय और सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं—विशेष रूप से ASHA और ANM—के बीच दूरी उत्पन्न हो जाती है।
इस वीडियो में वास्तविक महिला जनजातीय गुणीजन ‘फदकी बाई’ और उसी क्षेत्र में कार्यरत ASHA कार्यकर्ता को शामिल किया गया है।
यह वीडियो समुदाय की गर्भवती महिलाओं तथा अन्य महिला जनजातीय गुणीजनों तक सही जानकारी पहुँचाने के उद्देश्य से बनाया गया है, ताकि वे मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं का बेहतर उपयोग कर सकें और सुरक्षित मातृत्व को प्रोत्साहित किया जा सके।
साथ ही, हेल्थ एजुकेशन एण्ड प्रमोशन का उपयोग “इनोवेटिव हेल्थ इंटरवेंशन अमंग ट्राइबल वीमेन फॉर इम्प्रूव्मन्ट इन मैटरनल एण्ड अर्ली इन्फेंट हेल्थ केयर प्रैक्टिसेज इन एस्पिरेशनल डिस्ट्रिक्ट सिरोही राजस्थान” के शोध कार्य में भी किया गया है, जिसमें इन वीडियो को “माई” नाम के एप में शामिल किया गया है। इसके माध्यम से मिलने वाले प्रभावों को विभिन्न पैरामीटरों पर मापा गया है, ताकि यह जाना जा सके कि वीडियो जनजातीय समुदाय की जागरूकता और मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य व्यवहार में कितने सकारात्मक परिवर्तन ला सकता है।
लेकिन कई बार स्वास्थ्य संबंधी सही जानकारी के अभाव में गर्भवती महिलाओं को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है, जिससे जनजातीय समुदाय और सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं—विशेष रूप से ASHA और ANM—के बीच दूरी उत्पन्न हो जाती है।
इस वीडियो में वास्तविक महिला जनजातीय गुणीजन ‘फदकी बाई’ और उसी क्षेत्र में कार्यरत ASHA कार्यकर्ता को शामिल किया गया है।
यह वीडियो समुदाय की गर्भवती महिलाओं तथा अन्य महिला जनजातीय गुणीजनों तक सही जानकारी पहुँचाने के उद्देश्य से बनाया गया है, ताकि वे मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं का बेहतर उपयोग कर सकें और सुरक्षित मातृत्व को प्रोत्साहित किया जा सके।
साथ ही, हेल्थ एजुकेशन एण्ड प्रमोशन का उपयोग “इनोवेटिव हेल्थ इंटरवेंशन अमंग ट्राइबल वीमेन फॉर इम्प्रूव्मन्ट इन मैटरनल एण्ड अर्ली इन्फेंट हेल्थ केयर प्रैक्टिसेज इन एस्पिरेशनल डिस्ट्रिक्ट सिरोही राजस्थान” के शोध कार्य में भी किया गया है, जिसमें इन वीडियो को “माई” नाम के एप में शामिल किया गया है। इसके माध्यम से मिलने वाले प्रभावों को विभिन्न पैरामीटरों पर मापा गया है, ताकि यह जाना जा सके कि वीडियो जनजातीय समुदाय की जागरूकता और मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य व्यवहार में कितने सकारात्मक परिवर्तन ला सकता है।